ग्राम विकास योजनाओं में जनभागीदारी पर नई दिल्ली में हुआ राष्ट्रीय मंथन

16वें वित्त आयोग के संसाधनों और योजनाओं के प्रभावी उपयोग पर हुई चर्चा, केंद्रीय पंचायत मंत्री ने किया मार्गदर्शन

ग्राम विकास योजनाओं में जनभागीदारी पर नई दिल्ली में हुआ राष्ट्रीय मंथन

करनाल, गिरीश सैनी। जन योजना अभियान 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के पंचायती राज अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को सहभागी, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाने पर मंथन किया। कार्यशाला में हरियाणा के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्राम विकास योजनाएं तैयार करना है। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं संसाधनों के अभिसरण पर भी जोर दिया जा रहा है।

कार्यशाला में 16वें वित्त आयोग के तहत ग्राम विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों, प्रावधानों और नियमों की जानकारी दी गई। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही विभागीय पोर्टलों के उपयोग, योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

हरियाणा का प्रतिनिधित्व डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक आशुतोष राजन, नीलम, मीनू सहित अन्य अधिकारियों ने किया।

समापन सत्र में केंद्रीय पंचायत मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।