राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संकल्प मेशराम सिखा रहे फिल्म एडिटिंग के गुर

सुपवा में फिल्म संपादन की शैली व सौंदर्य बोध पर कार्यशाला

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संकल्प मेशराम सिखा रहे फिल्म एडिटिंग के गुर

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के फिल्म एवं टेलीविजन संकाय के छठे सेमेस्टर के छात्र पांच बार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता संपादक संकल्प मेशराम से फिल्म संपादन की बारीकियां सीख रहे हैं। फिल्म संपादन की शैली व सौंदर्यबोध विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का समापन शनिवार को होगा।

मेशराम ने कहा कि फिल्म संपादन केवल दृश्यों को जोड़ने या अनावश्यक हिस्सों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कहानी, भावनाओं और दर्शकों के अनुभव को आकार देने वाली रचनात्मक कला है। इसमें दृश्य, ध्वनि और समय का सृजनात्मक संयोजन बेहद जरूरी है।

कार्यशाला में छात्रों को शॉट चयन, कटिंग की गति, निरंतरता, लय और दृश्य-ध्वनि के तालमेल की जानकारी दी जा रही है। विश्व और भारतीय सिनेमा की चुनिंदा फिल्मों के दृश्यों के विश्लेषण के साथ जंप कट, मैच कट, मोंटाज और क्रॉस कटिंग जैसी तकनीकें भी सिखाई जा रही हैं।

कार्यशाला में छात्र समान फुटेज को अलग-अलग शैलियों में संपादित करने का अभ्यास कर रहे हैं, ताकि वे समझ सकें कि संपादन किस तरह कहानी के अर्थ और भावनात्मक प्रभाव को बदल सकता है।