रामलीला में दूसरे दिन नारद मोह और वेदवती-रावण संवाद का मंचन

दर्शक हुए मंत्रमुग्ध - रक्तदान, अंगदान, पौधारोपण के प्रति किया जा रहा जागरूक

रामलीला में दूसरे दिन नारद मोह और वेदवती-रावण संवाद का मंचन

रोहतक, गिरीश सैनी। रामलीला उत्सव कमेटी द्वारा पुरानी आईटीआई मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव एवं दशहरा मेले के दूसरे दिन नारद मोह और वेदवती-रावण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। मुंबई से आए कलाकारों ने सशक्त अभिनय, आकर्षक वेशभूषा और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा पंडाल भगवान श्रीराम और हनुमान जी के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अलवर के सांसद एवं बाबा मस्तनाथ विवि के कुलाधिपति महंत बालकनाथ के सान्निध्य में समाजसेवी सम्पूर्ण सिंह ने किया। मुख्य संरक्षक राजेश जैन सहित अन्य अतिथियों ने भी दीप प्रज्वलन और हनुमान जी की संगीतमय महाआरती में भाग लिया।

मुख्य निर्देशक लीलाधर के निर्देशन में प्रस्तुत नारद मोह की लीला में भगवान विष्णु ने माया रचकर नारद मुनि का अहंकार दूर किया। कथा के माध्यम से भक्ति और तपस्या में विनम्रता का महत्व दर्शाया गया।

महाराजा अग्रसेन जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने एक ईंट, एक रुपये की परंपरा का उल्लेख करते हुए सामाजिक सहयोग, समानता और परोपकार के आदर्शों को याद किया।

कार्यक्रम में आकर्षक आतिशबाजी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। खाने-पीने सहित अन्य वस्तुओं के स्टालों पर खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों की भीड़ उमड़ रही है। इसके अलावा जागरूकता स्टालों के माध्यम से दर्शकों को रक्तदान, अंगदान, देहदान, जैविक खाद, पौधारोपण आदि के लिए प्रेरित किया जा रहा है।