11वें दिन जमाबंदी में खुद दर्ज होगा इंतकाल, ऑटो म्यूटेशन से घटेंगे दफ्तर के चक्करः डीसी सतबीर सिंह

राजस्व सेवाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रदेश में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री के बाद इंतकाल प्रक्रिया अधिकतम 11वें दिन तक स्वत: पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

11वें दिन जमाबंदी में खुद दर्ज होगा इंतकाल, ऑटो म्यूटेशन से घटेंगे दफ्तर के चक्करः डीसी सतबीर सिंह

रोहतक, गिरीश सैनी। राजस्व सेवाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रदेश में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री के बाद इंतकाल प्रक्रिया अधिकतम 11वें दिन तक स्वत: पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के बाद पहले चार दिन म्यूटेशन पटवारी के लॉगिन में रहेगी। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर पांचवें दिन यह स्वत: कानूनगो और इसके बाद सीआरओ के लॉगिन में फॉरवर्ड होगी। तय समय में कार्रवाई न होने पर 11वें दिन म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी। इससे किसी एक स्तर पर फाइल लंबित रहने की संभावना कम होगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

उपायुक्त ने बताया कि निर्धारित समय में म्यूटेशन न होने पर नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दस्तावेज भी जमा करा सकेंगे। शिकायत का 10 दिनों में निवारण किया जाएगा। नियमों के अनुरूप म्यूटेशन होने पर उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अस्वीकृति की स्थिति में सीआरओ स्पष्ट कारणों के साथ स्पीकिंग ऑर्डर जारी करेंगे।

उन्होंने कहा कि जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। जमाबंदी में हिस्सेदारी की जानकारी, शुद्धि और तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को भी सरल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि डिजिटलीकरण का उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप कम करना, जवाबदेही बढ़ाना और नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाए समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।