सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तुरंत समाधान की मांग की

कहा, ठेकेदारी प्रथा के जरिए लूट व भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही सरकार।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तुरंत समाधान की मांग की

रोहतक, गिरीश सैनी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया और कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं, सरकार बातचीत कर उनका समाधान करे। उन्होंने कहा कि रोहतक समेत हरियाणा के विभिन्न शहरों, कस्बों, कालोनियों, सड़कों, गलियों और बाजारों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। जगह-जगह फैली गंदगी के कारण हो रही भीषण बदबू से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार के अहंकार और कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैये के कारण पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है ताकि सफाई व्यवस्था पटरी पर आ सके। सरकार की इन्हीं कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर हो रहे।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर लेने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन को अवगत करवा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। भाजपा सरकार ने सफाई कर्मचारियों को वादे के मुताबिक पक्का नहीं किया, उल्टे ठेकेदारी प्रथा के हवाले कर उनकी आजीविका छीनने के रास्ते खोल दिए।

उन्होंने कहा कि आज गांव से लेकर शहर तक लोगों को मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा की जनता पीने के साफ पानी, से लेकर साफ सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रही हैं। जहां-तहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, सड़कों पर सीवर का पानी बह रहा है, लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि निगम चुनावों में रोहतक की जनता बीजेपी सरकार के अहंकार को वोट की चोट से तोड़ेगी।