मैन्युफैक्चरिंग एआई एक्सीलेंस सेंटर निर्माण के लिए एमडीयू और एविट्री इंटेलिजेंस में हुआ एमओयू
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू ने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए एआई आधारित डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एविट्री इंटेलिजेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के के तहत विवि में सेंटर ऑफ मैन्युफैक्चरिंग एआई एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल सॉल्यूशंस और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ की मौजूदगी में एमडीयू की ओर से कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल तथा एविट्री इंटेलिजेंस की ओर से संस्थापक एवं चेयरपर्सन मृणालिनी चौधरी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान सहित विभिन्न संकायों के डीन, शिक्षक और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान एआई, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में संयुक्त शोध परियोजनाएं चलाएंगे। विद्यार्थियों और शिक्षकों को इंडस्ट्री आधारित प्रोजेक्ट्स में काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव हासिल होगा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों का दौर है, ऐसे में विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि एनईपी -2020 के तहत एमडीयू शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। ये साझेदारी विद्यार्थियों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार भी करेगी।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान ने कहा कि इस साझेदारी से विद्यार्थियों और शिक्षकों को शोध, नवाचार और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स पर काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी व्यावहारिक दक्षता और रोजगार क्षमता बढ़ेगी। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि यह एमओयू विवि और उद्योग जगत के बीच मजबूत सेतु का काम करेगा।

Girish Saini 

