जीयू और गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के बीच उद्योग-शिक्षा सहयोग को लेकर हुआ एमओयू

जीयू और गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के बीच उद्योग-शिक्षा सहयोग को लेकर हुआ एमओयू

गुरुग्राम, गिरीश सैनी। विद्यार्थियों के लिए बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा व उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरुग्राम विवि, गुरुग्राम और गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का उद्देश्य उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करना, नवाचार, उद्यमिता तथा व्यावहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

विवि प्रवक्ता के अनुसार, इस एमओयू के तहत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, लाइव प्रोजेक्ट्स, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, प्लेसमेंट तथा कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा। साथ ही, विवि के शिक्षकों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, संयुक्त अनुसंधान एवं ज्ञान-साझाकरण के नए अवसर प्राप्त होंगे।

जीयू प्रवक्ता ने बताया कि ये एमओयू विवि में स्थापित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, तथा विवि के एग्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम को उद्योगों के सहयोग एवं प्रायोजन के माध्यम से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। जीआईए द्वारा अनुशंसित कंपनी-प्रायोजित एग्जीक्यूटिव एमबीए के अभ्यर्थियों को ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत की विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी।

एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह कक्षा की सीमाओं से निकलकर वास्तविक जीवन और उद्योग जगत से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि जीआईए के साथ यह साझेदारी जीयू के विद्यार्थियों को उद्योग का व्यापक अनुभव प्रदान करने के साथ ही नवाचार को बढ़ावा देगी।

इस दौरान जीआईए के अध्यक्ष सुमित राव ने कहा कि भविष्य की कार्य शक्ति तैयार करने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत का साथ मिलकर कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश में सीखने का अवसर मिलेगा तथा उद्योगों को प्रतिभाशाली युवाओं से जुड़ने का प्रभावी मंच प्राप्त होगा।

समझौता ज्ञापन पर जीयू की ओर से कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा तथा जीआईए की ओर से अध्यक्ष सुमित राव ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान डीन प्रो. अमरजीत कौर, डॉ. सुरभि गोयल,सहित विवि के शिक्षक व अधिकारी, जीआईए के पदाधिकारी और गुरुग्राम के प्रमुख उद्योगपति मौजूद रहे।