उपायुक्त की अध्यक्षता में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि अधिकारी नागरिकों को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं के बारे में जागरूक करें ताकि वे कृषि के साथ-साथ सहायक धंधा अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सके। अधिकारी ज्यादा से ज्यादा पात्र व्यक्तियों को विभाग की योजनाओं का लाभ भी प्रदान करें, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 19,800 गर्भाधान किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 19.8 प्रतिशत है।
पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए पशु सुरक्षा चक्र के तहत जारी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत एफएमडी एवं एचएस के लिए 1,99,500 डोज के लक्ष्य के मुकाबले 1,56,517 डोज दी जा चुकी हैं, जिससे 78.5 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई है।
उपायुक्त ने कहा कि विभाग द्वारा पशुपालकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक 93 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से कुल 50 हजार ओपीडी मामलों का उपचार किया गया, जो 2,66,000 के वार्षिक लक्ष्य का 19 प्रतिशत है। इसी प्रकार 5,28,000 पशुओं को कृमिनाशक दवा देने के लक्ष्य के मुकाबले 1.21 लाख पशुओं का डीवॉर्मिंग किया जा चुका है, जो 23 प्रतिशत उपलब्धि है।
उपायुक्त ने कहा कि मुर्रा भैंस, हरियाणा गाय एवं साहीवाल गाय की दुग्ध क्षमता के आधार पर नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। मुर्रा भैंस के लिए 20 हजार से 40 हजार रुपये तथा हरियाणा एवं साहीवाल नस्ल की गायों के लिए 15 हजार से 25 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए 2 से 3 दुधारू पशुओं की इकाई स्थापित करने हेतु 50 प्रतिशत अनुदान की योजना जारी है। योजना के तहत अब तक 243 आवेदन प्राप्त कर बैंकों को स्वीकृति के लिए भेजे जा चुके हैं। विभाग द्वारा पिगरी यूनिट (10 मादा एवं 1 नर सूअर) के लिए एक लाख रुपये की लागत पर अधिकतम 25 हजार रुपये तक तथा भेड़ पालन इकाई (15 मादा एवं 1 नर भेड़) के लिए 98 हजार रुपये की लागत पर 25 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान के दायरे को बढ़ाने के लिए मोबाइल एआई टीमों का विस्तार किया जा रहा है। ब्रुसेलोसिस, शीप पॉक्स, पीपीआर एवं ईटीवी जैसे रोगों के टीकाकरण अभियान को गति दी जा रही है। स्वदेशी गायों की मिल्क रिकॉर्डिंग में तेजी लाई जा रही है। अधिक स्वास्थ्य शिविरों एवं डीवॉर्मिंग अभियानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। अनुसूचित जाति डेयरी एवं पशुपालन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
इस दौरान मंडल मृदा संरक्षण अधिकारी नीना सहवाग, कृषि उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, जिला उद्यान अधिकारी मदन लाल, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा, पशुपालन उप निदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया, एसडीएओ संदीप सिंह, एसटीओ डॉ. अनिल अहलावत व दिलबाग सिंह, दीपक सिंह, भावना, अमित, नितेश, विनोद कुमार, मेघा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Girish Saini 


