जन्माष्टमी पर गूंजा धर्म और संस्कार का संदेश, भ्रामक प्रचार पर आर्य समाज का प्रहार

जन्माष्टमी पर गूंजा धर्म और संस्कार का संदेश, भ्रामक प्रचार पर आर्य समाज का प्रहार

रोहतक, गिरीश सैनी। आर्य समाज, प्रधाना मोहल्ला में साप्ताहिक सत्संग के बाद जन्माष्टमी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान हवन, भजन और प्रवचन हुए। शाखा के बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन पर गीत व भाषण प्रस्तुत किए। भजनोपदेशक सागर आर्य ने गीत के माध्यम से माता देवकी की विरह वेदना को अभिव्यक्त किया।

मुख्य वक्ता स्वामी शांतानंद ने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने अद्भुत चातुर्य और अप्रतिम कौशल से दुष्ट राजाओं का विनाश करवाकर धर्मराज युधिष्ठिर का चक्रवर्ती साम्राज्य स्थापित कराया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने विभक्त भारत को महाभारत के माध्यम से एक सूत्र में पिरोया।

सत्संग के दौरान उपमंत्री अंकुर अरोड़ा ने रामपाल के अनुयायियों द्वारा सोशल मीडिया पर महर्षि दयानंद सरस्वती व अन्य आर्य संन्यासियों के संबंध में किए जा रहे भ्रामक प्रचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रामक वीडियो प्रसारित कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। सभासदों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित कर सरकार से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

अंत में बच्चों को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन ललित धींगड़ा व संजय कथुरिया ने किया। इस दौरान प्रधान रमेश मदान, राकेश गुगनानी, भारत धींगड़ा, संजय मलिक, इंद्रेश, रंजू सूरी, निर्मला व बिमला सहित अन्य मौजूद रहे।