एनएसएस के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में युवाओं को नशामुक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश

जीवन में आगे बढ़ने के लिए कनेक्टिविटी, क्रिएटिविटी और कलेक्टिविटी का मंत्र अपनाएं युवाः सुनित मुखर्जी

एनएसएस के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में युवाओं को नशामुक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में आयोजित एनएसएस के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में युवाओं से सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक एवं निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने स्वयंसेवकों को सोसाइटी एंड नेशन फर्स्ट, ह्यूमैनिटी ऑलवेज फर्स्ट का मंत्र देते हुए विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों का सम्मान करने और क्षेत्रीय व सामाजिक संकीर्णताओं से ऊपर उठने की अपील की।

विशेष आमंत्रित वक्ता मुखर्जी ने कनेक्टिविटी, क्रिएटिविटी और कलेक्टिविटी को सफलता का मंत्र बताते हुए प्रतिभागियों को नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।

होली हार्ट हॉस्पिटल की निदेशिका डॉ. मयंका बत्रा ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। डॉ. राजवीर सिंह ने सीपीआर का प्रशिक्षण दिया।

एनएसएस कार्यक्रम समन्वयिका प्रो. सविता राठी ने कहा कि एनएसएस युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। डॉ. मोनिका सांगवान ने स्वागत संबोधन किया। तेलंगाना दल के प्रभारी डॉ. ई. राजकुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

शिविर में आयोजित पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन और पॉट डेकोरेशन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल में प्रो. दिव्या मल्हान, प्रो. कुलदीप चौधरी, डॉ. पूजा मित्तल, डॉ. महक दांगी, डॉ. मोनिका सांगवान और डॉ. मीनाक्षी हुड्डा शामिल रहे।