तनाव से निपटने के लिए मानसिक मजबूती जरूरीः प्रो. दीप्ति

फार्मेसी विभाग में थ्राइव-वेल कार्यशाला, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन का महत्व बताया

तनाव से निपटने के लिए मानसिक मजबूती जरूरीः प्रो. दीप्ति

रोहतक, गिरीश सैनी। विद्यार्थियों को शैक्षणिक दबाव और जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। भावनाओं को समझने, सकारात्मक सोच अपनाने और आपसी सहयोग से तनाव को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। यह बात एमडीयू के मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं हैप्पीट्यूड लैब प्रभारी प्रो. दीप्ति हुड्डा ने बुधवार को फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग में आयोजित कार्यशाला में कही।

थ्राइव-वेल: एम्पावरिंग स्टूडेंट्स फॉर हेल्दी एंड हैप्पीयर लाइव्स विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्रो. दीप्ति हुड्डा ने संवादात्मक गतिविधियों, समूह चर्चाओं और आत्मचिंतन अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शैक्षणिक सफलता, व्यक्तिगत विकास और विश्वविद्यालय जीवन को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण आधार है। सकारात्मक वातावरण और सार्थक सामाजिक संबंध विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

फार्मास्युटिकल साइंसेज विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक कौशिक ने प्रो. दीप्ति हुड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक चुनौतियों के साथ सामाजिक और भावनात्मक परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि स्वस्थ मन, उज्ज्वल भविष्य के संदेश के साथ आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यशाला का समन्वयन पूनम और आशु ने तथा मंच संचालन पीएचडी शोधार्थी अमन कुमारी ने किया। इसमें 40 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया।