विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रभावित परिवारों के सदस्य सम्मानित
रोहतक, गिरीश सैनी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास भवन में वर्ष 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और संघर्ष को दर्शाने वाली प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभाजन के दौरान घटित घटनाओं, विस्थापित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और पुनर्वास से जुड़े प्रसंगों को चित्रों एवं विभिन्न सामग्रियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार और एसडीएम आशीष कुमार ने विभाजन प्रभावित परिवारों के सदस्यों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उनके संघर्ष, धैर्य, त्याग और राष्ट्र निर्माण में योगदान को नमन किया। सम्मानित परिवारों के सदस्यों ने विभाजन के दौरान अपने पूर्वजों द्वारा झेली गई कठिनाइयों और विस्थापन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनके पूर्वजों ने साहस और मेहनत से नए स्थानों पर जीवन को फिर से स्थापित किया।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि शांति, सद्भाव, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां एकता और भाईचारे के महत्व को समझ सकें।
एसडीएम आशीष कुमार ने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनके पूर्वजों का त्याग एवं संघर्ष सदैव स्मरणीय रहेगा। प्रदर्शनी देखने पहुंचे लोगों ने विभाजन से संबंधित चित्रों और सामग्री का अवलोकन किया।
इस दौरान सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से मदन लाल कथूरिया, सतपाल चावला, मनोहर लाल वर्मा, विलायती लाल सहगल, कृष्णावंती, वंती देवी, कृष्णा रानी और सतीश कत्याल शामिल रहे।

Girish Saini 

