चिकित्सा केवल पेशा नहीं, मानवता की सेवा का पवित्र दायित्वः राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष
हेल्थ यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में 950 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 68 मेधावी स्वर्ण पदक से सम्मानित।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के राज्यपाल एवं पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने युवा चिकित्सकों से करुणा, नैतिकता और सेवा-भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च दायित्व है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज में आशा, विश्वास और जीवन के प्रतीक होते हैं, इसलिए उन्हें संवेदनशीलता, विनम्रता और समर्पण भाव के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
राज्यपाल शनिवार को पं. बीडीएस स्वास्थ्य विज्ञान विवि के 5वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।
समारोह का शुभारंभ शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ हुआ। दीक्षांत समारोह में कुल 950 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गई, जबकि 68 मेधावी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। इस दौरान राज्यपाल ने स्मारिका का विमोचन भी किया।
नवस्नातक विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, सेवा और समर्पण से परिपूर्ण जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी पं. भगवत दयाल शर्मा को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनके आदर्शों से प्रेरित यह विवि सेवा परमो धर्म: की भावना को सार्थक रूप से आगे बढ़ा रहा है।
राज्यपाल ने शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण के क्षेत्र में विवि द्वारा अर्जित उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने विवि द्वारा संचालित टेली-परामर्श सेवाओं तथा स्वास्थ्य आपके द्वार जैसी जनहितकारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन प्रयासों ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य जागरूकता को भी नई दिशा दी है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के नेतृत्व में सोटो हरियाणा के माध्यम से चलाए जा रहे अंगदान जागरूकता अभियान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इस पहल ने अनेक परिवारों में नई आशा जगाई है और यह वास्तव में इस भावना को परिलक्षित करती है कि जीवन के दान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मन की बात के माध्यम से की गई अपील ने पूरे देश में अंगदान आंदोलन के प्रति जन-जागरूकता और जन-भागीदारी को काफी मजबूत किया है।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने यह अनुभव किया होगा कि मरीज डॉक्टरों पर कितना गहरा विश्वास करते हैं और रोगियों को राहत प्रदान करने तथा जीवन बचाने से कितनी आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान को करुणा, कौशल को नैतिकता और निर्णयों को सेवा-भाव से संचालित करें। राज्यपाल ने कहा कि देश को आज भी विशेष रूप से ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में समर्पित चिकित्सकों की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनेक विद्यार्थी समाज सेवा के लिए आगे आएंगे, जबकि कुछ चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य सेवा के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी है। उन्होंने चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, फार्मेसी एवं एलाइड हेल्थ साइंसेज सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री प्राप्त करने वाले 950 विद्यार्थियों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई व शुभकामनाएं दीं। कुलपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का मिशन है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं।
विवि की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कुलपति ने बताया कि वर्ष 2008 में 59 संबद्ध कॉलेजों से शुरू हुआ ये विवि आज प्रदेशभर में 165 कॉलेजों से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि विवि द्वारा अब तक छह सफल अंगदान तथा पीजीआईएमएस में 38 सफल किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं, जिनकी सफलता दर 100 प्रतिशत रही है। शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 5 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इस दौरान पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, वरिष्ठ भाजपा नेता गुलशन भाटिया, उपायुक्त सचिन गुप्ता, पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित, एएसपी आयुष यादव, आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, एमडीएम आशीष कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत सिंह व नमिता सिंह, मंडल आयुक्त के ओएसडी शुभम, एमडीयू के वीसी प्रो. मिलाप पुनियां, डीएलसी सुपवा के वीसी डॉ. अमित आर्य, सीआरएसयू जींद के वीसी प्रोय रामपाल सैनी, पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन डॉ. अशोक चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल, प्राचार्य डॉ. मनु राठी, सहित विवि अधिकारी, विभागाध्यक्ष व संकाय सदस्य मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ मंजूनाथ, डॉ वरुण अरोड़ा, डॉ उमेश यादव, डॉ. हरनीत सिंह, डॉ उर्मिल चावला व डॉ प्रीति ने किया।

Girish Saini 

