एमडीयू के शिक्षक और गैर-शिक्षक संगठनों ने रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठाई

एमडीयू के शिक्षक और गैर-शिक्षक संगठनों ने रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठाई

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के शिक्षक और गैर-शिक्षक संगठनों ने कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर एकजुटता दिखाते हुए डॉ. विकास सिवाच का निलंबन वापस लेकर तत्काल बहाल करने तथा विवि में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती करने की जोरदार मांग उठाई।

एमडीयू गैर-शिक्षक संघ कार्यालय में आयोजित संयुक्त बैठक में एमडीयू शिक्षक संघ (मडूटा) के नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. प्रदीप गहलोत, सचिव डॉ. महेश कुमार, एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुरेश कौशिक, ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज एंप्लाइज फेडरेशन के चेयरमैन वजीर सिंह भट्ठी और सेक्रेटरी जनरल डॉ. विजय पाल धनखड़ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

वक्ताओं ने कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की। उन्होंने डॉ. विकास सिवाच का निलंबन वापस लेकर उन्हें तत्काल बहाल करने और विवि में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाते हुए इन मुद्दों पर संयुक्त रूप से संघर्ष करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। डीन सीडीसी प्रो. राजेश ने सुझाव दिया कि एमडीयू और पीजीआईएमएस प्रशासन आपसी समन्वय से दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाओं का साझा उपयोग सुनिश्चित करें।

इस दौरान मडूटा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों तथा ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज एंप्लाइज फेडरेशन के नवनिर्वाचित नेतृत्व का गैर-शिक्षक संघ की ओर से स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। मडूटा प्रधान डॉ. प्रदीप गहलोत और फेडरेशन चेयरमैन वजीर सिंह भट्ठी ने सम्मान के लिए गैर-शिक्षक संघ का आभार व्यक्त करते हुए कर्मचारी हितों के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का आह्वान किया। गैर-शिक्षक संघ के प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े सभी मुद्दों पर शिक्षक और गैर-शिक्षक संगठन मिलकर आवाज उठाते रहेंगे।

इस दौरान उपप्रधान प्रेम सिंह सजवाण, महासचिव डॉ. विजय पाल धनखड़, सहसचिव राजकुमार रंगा, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत, प्रो. सविता राठी, डॉ. गोल्डी पुरी सहित शिक्षक एवं गैर-शिक्षक संघों के अनेक पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।