धूम्रपान से होने वाली फेफड़ों की बीमारी के इलाज पर शोध के लिए एमडीयू के प्रो. हरीश दुरेजा को मिला 32 लाख रुपये का अनुदान

धूम्रपान से होने वाली फेफड़ों की बीमारी के इलाज पर शोध के लिए एमडीयू के प्रो. हरीश दुरेजा को मिला 32 लाख रुपये का अनुदान

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने एमडीयू के डीन (आर एवं डी) एवं निदेशक, सेंटर फॉर आईपीआर स्टडीज प्रो. हरीश दुरेजा की शोध परियोजना को हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के तहत 32 लाख रुपये का अनुदान दिया है। यह अनुदान विवि में स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे उच्च स्तरीय अनुसंधान को नई गति देगा।

प्रो. हरीश दुरेजा के नेतृत्व में संचालित इस परियोजना की अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रो. कृष्ण कांत शर्मा इसमें सह-अन्वेषक की भूमिका निभाएंगे।

प्रो. हरीश दुरेजा ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारी के उपचार के लिए मोमेटासोन फ्यूरेट आधारित अत्याधुनिक नैनो फॉर्मुलेशन विकसित करना है। यह शोध विशेष रूप से सिगरेट के धुएं से होने वाली सीओपीडी के प्रभावी और लक्षित उपचार की संभावनाओं पर केंद्रित रहेगा। इस शोध से भविष्य में इस बीमारी के इलाज के लिए अधिक प्रभावी और कम दुष्प्रभाव वाली दवा प्रणाली विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने प्रो. हरीश दुरेजा और उनके सहयोगी को इस शोध परियोजना के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एमडीयू का लक्ष्य केवल अकादमिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और मानव स्वास्थ्य से जुड़े वास्तविक मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी शोध को बढ़ावा देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में नए आयाम स्थापित करेगी।