एमडीयू की डॉ. निधि को मिला 14 लाख का शोध अनुदान
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने दी शोध परियोजना को मंजूरी, युवाओं के रोजगार पर होगा अध्ययन।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज, गुरुग्राम की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निधि की शोध परियोजना को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (एचएसआरएफ) के तहत 14 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। यह परियोजना हरियाणा में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार क्षमता को लेकर नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डॉ. निधि की शोध परियोजना- हरियाणा में युवाओं का कौशल विकास एवं रोजगार क्षमताः मांग आधारित रोजगार ढांचे के माध्यम से मूल्यांकन का चयन राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद किया गया है। इस परियोजना की अवधि एक वर्ष होगी। इसमें एमडीयू के शिक्षा विभाग की डॉ. माधुरी हुड्डा तथा आईएचटीएम के प्रो. संदीप मलिक सह-अन्वेषक के रूप में शामिल हैं।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने डॉ. निधि और उनके सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि विवि में समाज की आवश्यकताओं से जुड़े शोध कार्यों को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शोध युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना के निष्कर्ष कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
डॉ. निधि ने कहा कि शोध के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि प्रदेश के युवाओं के कौशल और उद्योगों की जरूरतों के बीच कितना अंतर है तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए किस प्रकार का कौशल विकास मॉडल सबसे प्रभावी हो सकता है। अध्ययन के निष्कर्ष सरकार और नीति निर्माताओं के लिए भी उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद और विवि प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुदान शोध को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
Girish Saini 


