पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के प्रबंधन पर शोध के लिए एमडीयू की छात्रा रिंपी को मिली 2.95 लाख की रिसर्च ग्रांट
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (एचएसआरएफ) के तहत एमडीयू की एम.फार्मा की छात्रा रिंपी को पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के प्रबंधन पर शोध के लिए 2.95 लाख रुपए का रिसर्च ग्रांट मंजूर हुआ है। फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग में अध्ययनरत रिंपी के शोध प्रोजेक्ट की अवधि एक वर्ष होगी।
पीसीओडी के प्रबंधन में शतावरी और कचनार के संयोजन का फाइटोफार्माकोलॉजिकल मूल्यांकन विषय पर इस शोध के माध्यम से शतावरी और कचनार के औषधीय गुणों तथा पीसीओडी के प्रबंधन में इनके संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा। एमडीयू के प्रोफेसर डॉ. गोविंद सिंह इस शोध प्रोजेक्ट के सुपरवाइजर हैं।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि विवि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समाजोपयोगी शोध के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध प्रोजेक्ट न केवल विद्यार्थियों की शोध क्षमता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान की दिशा में भी उपयोगी योगदान दे सकते हैं।
Girish Saini 


