एमडीयूः विद्यार्थियों के स्किल डेवलपमेंट और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर
कुलपति ने शॉर्ट व लॉन्ग टर्म प्लान बना कर शोध को समाज व रोजगार से जोड़ने का आह्वान किया।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विवि शिक्षण विभागों से विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगार क्षमता और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म संस्थागत योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विभागों को ऐसी शैक्षणिक और शोध गतिविधियां विकसित करनी होंगी, जो विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अवसरों और रोजगार के लिए तैयार करें।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विवि के आईएचटीएम, शिक्षा विभाग और लोक प्रशासन विभाग के दौरे के दौरान शिक्षकों व शोधार्थियों से संवाद करते हुए ये बात कही। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने विभागों को रोजगारपरक कार्यशालाएं, मेंटरिंग सिस्टम और रिसर्च स्किल्स को मजबूत करने वाले विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय फील्ड वर्क और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों से जोड़ा जाए, ताकि वे जमीनी स्तर की समस्याओं को समझ सकें और उन पर सार्थक शोध कर सकें। उन्होंने शोधार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया।
होटल एवं पर्यटन प्रबंधन संस्थान के शिक्षकों से बातचीत में कुलपति ने ग्रामीण पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने से जुड़े शोध एवं नए कोर्स विकसित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं, जिनका लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना जरूरी है। इस दौरान आईएचटीएम के निदेशक प्रो. संदीप मलिक, लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष प्रो. सेवा सिंह दहिया और शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ. माधुरी हुड्डा ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।

Girish Saini 

