एमडीयू के शोधार्थी का शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित
एमडीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के पीएचडी शोधार्थी अनमोल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंगर नेचर स्विट्ज़रलैंड एआई एंड एथिक्स में प्रकाशित हुआ है।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के पीएचडी शोधार्थी अनमोल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंगर नेचर स्विट्ज़रलैंड एआई एंड एथिक्स में प्रकाशित हुआ है।
ये शोध कार्य यूआईईटी की प्राध्यापिका डॉ. छवि राणा के निर्देशन में पूरा किया गया। शोध में भविष्य की ऑटोनोमस एआई सिस्टम्स यानी स्वायत्त एआई प्रणालियों की भूमिका, चुनौतियों और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से अध्ययन किया गया है। शोध के अनुसार आने वाले समय में एआई आधारित सिस्टम स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली, साइबर सुरक्षा, शिक्षा तथा सरकारी व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में इन तकनीकों के लिए मजबूत नैतिक और नियामक ढांचा विकसित करना बेहद जरूरी होगा, ताकि एआई का उपयोग सुरक्षित, पारदर्शी और मानव हितों के अनुरूप किया जा सके।
शोधार्थी अनमोल ने बताया कि उनका उद्देश्य ऐसी एआई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है, जो मानव-केंद्रित, सुरक्षित और भरोसेमंद हों। उन्होंने कहा कि भविष्य की एआई प्रणालियां तभी प्रभावी साबित होंगी, जब वे सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप कार्य करेंगी।
मार्गदर्शक डॉ. छवि राणा ने कहा कि आज एआई तेजी से हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में जिम्मेदार और नैतिक एआई सिस्टम विकसित करना समय की बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह शोध भविष्य में एआई से जुड़ी नीतियों और तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो सकता है।

Girish Saini 

