सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर करें तनाव को नियंत्रितः प्रो. दीप्ति हुड्डा

एमडीयू कर्मियों से साझे किए माइंडफुलनेस और डीप ब्रीदिंग के उपाय।

सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर करें तनाव को नियंत्रितः प्रो. दीप्ति हुड्डा

रोहतक, गिरीश सैनी। बढ़ते तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। तनाव से बचने के लिए ओवरथिंकिंग और नकारात्मक सोच से दूरी बनाना जरूरी है। ये बात एमडीयू में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनोविज्ञान विशेषज्ञों ने विवि कर्मियों को संबोधित करते हुए कही।

प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभागाध्यक्षा प्रो. अंजलि मलिक और मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं हैप्पीट्यूड लैबोरेट्री की प्रभारी प्रो. दीप्ति हुड्डा ने बतौर विषय विशेषज्ञ, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।

प्रो. अंजलि मलिक ने आंकड़ों के जरिए बताया कि तनाव का असर व्यक्ति के मानसिक ही नहीं, शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि कामकाज के बढ़ते दबाव और बदलती जीवनशैली के कारण तनाव आम समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए माइंडफुलनेस तकनीक और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज को कारगर उपाय बताते हुए नियमित अभ्यास की सलाह दी।

प्रो. दीप्ति हुड्डा ने कहा कि अत्यधिक सोचने (ओवरथिंकिंग) और नकारात्मक सोच से तनाव बढ़ता है। सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर और परिस्थितियों को संतुलित नजरिए से देखकर तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक टिप्स भी दिए।

प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज के कोऑर्डिनेटर अशोक सचदेवा ने स्वागत संबोधन तथा असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. नितिन सिवाच ने आभार व्यक्त किया। विवि की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी और कर्मचारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।