महाराणा प्रताप का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत प्रेरणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित।

महाराणा प्रताप का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत प्रेरणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के शाश्वत प्रतीक हैं। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने सोमवार को गांव निगदू में महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। डॉ. चौहान ने निगदू स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, लेकिन कभी भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना ही सच्ची वीरता है।

महाराणा प्रताप के जीवन को आज की युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत प्रेरणा बताते हुए डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने सीमित संसाधनों में भी अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। आज के समय में जब समाज नैतिक मूल्यों की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब महाराणा प्रताप के विचार हमें आत्मनिर्भर, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की जीवन गाथा हमें सिखाती है कि राष्ट्र सर्वोपरि होता है। व्यक्तिगत सुख–सुविधाओं से ऊपर उठकर समाज और देश के हित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। डॉ. चौहान ने उपस्थित जन का आह्वान किया कि सभी उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक सशक्त, आत्मगौरव से भरे भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने ग्रामवासियों को संकल्प दिलाया कि वे महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं स्मारकों के रख-रखाव, संरक्षण तथा उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके स्मारकों की गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान गांव के सरपंच मोंटू, डॉ. सूबे सिंह राणा, डॉ. सुंदर राणा, संदीप राणा, संत राणा, राज कुमार, पवन शर्मा, नरेश चुचरा एवं डॉ. इंदर सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे। सभी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।