लुधियाना में साहित्यिक संध्या: दो पुस्तकों का विमोचन, काव्य पाठ
लुधियाना, 26 जनवरी 2026: प्रीत साहित्य सदन की मासिक सभा में दो पुस्तकों— “मां कभी मरती नहीं” तथा “मैं समय हूं”—का विमोचन किया गया। पहली पुस्तक डॉ. जवाहर धीर (फगवाड़ा) और दूसरी दिलीप कुमार पांडे द्वारा लिखित है। पुस्तकों पर पत्र-पाठ करते हुए ममता जैन और डॉ. अनु शर्मा ने कहा कि दोनों ही कृतियां संवेदना और भावनाओं का समृद्ध भंडार हैं। “मां कभी मरती नहीं” में मां जैसे मार्मिक रिश्ते को अटूट रूप में अत्यंत सुंदरता से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें रिश्तों के निर्माण और परंपराओं के प्रति सशक्त प्रतिबद्धता दिखाई देती है। वहीं “मैं समय हूं” में कवि की भावनाओं के साथ अद्भुत सरोकार जुड़ते हुए दिखाई देते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं दीप प्रज्ज्वलन करते हुए डॉ. यश चोपड़ा ने कहा कि साहित्य मानव को सदैव जीवंत रखता है और मानवता व समाज की बुनियाद इसी पर आधारित होती है।
कार्यक्रम का दूसरा चरण काव्य गोष्ठी का रहा, जिसमें हिंदी और पंजाबी के लगभग 20 कवियों ने सहभागिता की। देशभक्ति से जुड़ी कविताएं भी प्रस्तुत की गईं। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके मनवीर धीमान ने एक भावपूर्ण ग़ज़ल सुनाई। जगजीत सिंह गुरम, तरनजीत सिंह गुलाटी, धर्मपाल स्नेही, अशफाक जिगर, शरीफ अहमद, दिलीप अवध, जोरावर सिंह पंछी, मीत पानीपत, नेम और काजल ने भी अपनी सुंदर रचनाओं से वातावरण को सुखद बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसे रमा शर्मा ने प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. संजीव डाबर ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया और सदन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सदन का उद्देश्य साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना है।

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