माला अग्रवाल माधवी और मुदस्सर बशीर की पुस्तकें लोकार्पित, प्रीत साहित्य सदन में काव्य गोष्ठी का आयोजन

प्रीत साहित्य सदन द्वारा इस बार अपनी मासिक सभा में दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया – हिंदी लेखिका माला अग्रवाल माधवी का नया काव्य संकलन कविता हमारा क्षितिज तथा मुदस्सर बशीर की कहानियों का हिंदी अनुवाद छत्ती चौबारा। क्रमशः डॉ. अनु शर्मा कौल और प्रो. रमन शर्मा ने प्रपत्र पेश किया।

माला अग्रवाल माधवी और मुदस्सर बशीर की पुस्तकें लोकार्पित, प्रीत साहित्य सदन में काव्य गोष्ठी का आयोजन

प्रीत साहित्य सदन द्वारा इस बार अपनी मासिक सभा में दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया – हिंदी लेखिका माला अग्रवाल माधवी का नया काव्य संकलन कविता हमारा क्षितिज तथा मुदस्सर बशीर की कहानियों का हिंदी अनुवाद छत्ती चौबारा। क्रमशः डॉ. अनु शर्मा कौल और प्रो. रमन शर्मा ने प्रपत्र पेश किया।

कविता की समग्र विशालता को छूते हुए प्रपत्र वाचिका ने कहा कि कवयित्री की कविताएँ असीम पटल पर अपनी गहरी छाप छोड़ने में सक्षम हैं, जो हृदय को पूरी संवेदना से अपनी आगोश में लेती हैं। प्रो. रमन शर्मा ने बशीर की कहानियों के माध्यम से विभाजित पंजाब की मानवता के दर्द का वर्णन किया।

तदुपरांत कवयित्री माला अग्रवाल माधवी ने अपनी लेखनी के बारे में विस्तृत विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून से पधारे सोमेश्वर पांडे ने दीप प्रज्वलन से की, जबकि जालंधर से डॉ. बलविंदर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेश शर्मा अगस्त्य ने कार्यक्रम की समीक्षा की।

समारोह का द्वितीय चरण काव्य गोष्ठी रहा, जिसमें लगभग 20 कवियों ने हिंदी, पंजाबी और उर्दू में अपनी कविताएँ, ग़ज़लें और गीत प्रस्तुत किए। इनमें डॉ. अनिल शर्मा, केवल दीवाना, जोरावर सिंह पंछी, सुनीति शर्मा, अविनाशदीप सिंह, दर्शन बोपाराय, डॉ. अनिल पांडे, वीरेंद्र जेठवानी, मनजीत सिंह, गौरांशी शर्मा, सपना काजल, डॉ. विभा शर्मा और सागर सियालकोटी ने अपनी सहभागिता दी।

सदन के प्रवक्ता तरनजीत सिंह गुलाटी ने अध्यक्ष सोमेश्वर पांडे को सम्मानित करते हुए पुस्तक भेंट की और कहा कि आज ऐसे हिंदी और संस्कृत के विद्वान समाज और साहित्य को नई दिशा दे सकते हैं।

रमा शर्मा ने ईश वंदना की और आगंतुकों का हार्दिक धन्यवाद भी किया।

मंच संचालन मनोज प्रीत द्वारा किया गया।