हड्डी और जोड़ों की बीमारियों से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरीः कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल

बोन एंड जॉइंट सप्ताह के तहत पोस्टर प्रतियोगिता में इशिका व योगिता अव्वल।

हड्डी और जोड़ों की बीमारियों से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरीः कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ.एच.के. अग्रवाल ने शुक्रवार को ओपीडी में हड्डी रोग विभाग द्वारा बोन एंड जॉइंट सप्ताह के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कुलपति ने कहा कि आजकल मोबाइल पर झुके रहना, मैदानों की जगह कमरे में बंद रहना और जंक फूड खाना हमारी आदत बन गई है, जिसका नतीजा है कि 10 साल के बच्चों की कमर में दर्द और 30 साल के युवाओं के घुटनों में तकलीफ आम हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते हम अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं लाते तो आने वाले समय में हड्डियों और जोड़ों की बीमारियां सबसे बड़ी परेशानी बन जाएंगी।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हमारी हड्डियां और जोड़ हमारे शरीर की नींव हैं। अगर नींव मजबूत होगी, तभी हमारा शरीर, हमारा परिवार और हमारा समाज मजबूत रहेगा। उन्होंने स्वस्थ हड्डी, स्वस्थ जोड़, स्वस्थ इंसान, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत का नारा देते हुए कहा कि हड्डी और जोड़ों की ज्यादातर समस्याओं को थोड़ी जागरूकता और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से रोका जा सकता है।

हड्डी रोग विभागाध्यक्ष एवं कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में झुककर चलना, बार-बार गिरना या हड्डियों में दर्द जैसी शिकायत दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देर करने से छोटी समस्या भी बड़ी बन जाती है। कार्यकारी निदेशक एवं डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ ने कहा कि संस्थान इलाज करने के साथ ही, लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि मरीजों को समय पर बेहतरीन सुविधा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. आशीष देवगन ने स्वागत संबोधन किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में इशिका व योगिता प्रथम, आंचल दूसरे और प्रेरणा तीसरे स्थान पर रही। इस दौरान प्राचार्या डॉ. मनु राठी, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. मंजुनाथ, डॉ. उमेश यादव, सहित विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।