ओजोन परत बचेगी, तभी सुरक्षित रहेगा पृथ्वी पर जीवन - एमडीयू में विद्यार्थियों ने पोस्टर-स्लोगन से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पोस्टर मेकिंग में तमन्ना, स्लोगन राइटिंग में पारुल ने बाजी मारी।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के सहयोग से बुधवार को विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। इस दौरान आयोजित पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं में एमडीयू सहित विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विभागाध्यक्षा प्रो. मीनाक्षी नांदल ने विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के लिए ओजोन परत का संरक्षण बेहद जरूरी है। हर वर्ष 16 सितंबर को वर्ष 1987 में ओजोन परत के संरक्षण के लिए हुए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की स्मृति में विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है।
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विवि पंजाब, बठिंडा के प्रो. वीके गर्ग ने ओजोन परत की भूमिका और इसके संरक्षण की जरूरत पर प्रकाश डाला।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बीएससी जेनेटिक्स की तमन्ना प्रथम, एमएससी पर्यावरण विज्ञान की सुजीता दूसरे और जाट कॉलेज की बीए छात्रा साक्षी तीसरे स्थान पर रही। राजकीय महिला महाविद्यालय की आशु को सांत्वना पुरस्कार मिला। निर्णायक प्रो. नीलम सहरावत रही।
स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में एमएससी जूलॉजी की पारुल वत्स प्रथम, हिंदू कॉलेज की अनिष्का खत्री दूसरे और एमएससी पर्यावरण विज्ञान की प्रिया तीसरे स्थान पर रही। निर्णायक प्रो. सुदेश रानी थी। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. रचना भाटिया ने किया।

Girish Saini 

