कौशल प्रशिक्षण से बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
डीएलएसए द्वारा जेल में क्यूलिनरी कोर्स, लोक अदालत और जागरूकता कार्यक्रम।
रोहतक, गिरीश सैनी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के चेयरमैन अजय तेवतिया के मार्गदर्शन में बुधवार को विभिन्न जनकल्याणकारी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला जेल रोहतक में बंदियों के लिए क्यूलिनरी कोर्स शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें रोजगारपरक कौशल देकर भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
डीएलएसए सचिव एवं सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने कहा कि कौशल विकास बंदियों के पुनर्वास में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे प्रशिक्षण उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने में मदद करते हैं।
विश्व ओजोन दिवस पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुनारिया में जागरूकता एवं पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। वन विभाग के सहयोग से पौधे लगाए गए। विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया।
जिला जेल में जेल लोक अदालत भी लगाई गई, जिसमें दो मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें एक बंदी को रिहा किया गया। डीएलएसए की ओर से बंदियों और जरूरतमंदों को कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी भी दी जा रही है।

Girish Saini 

