राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रम आयोजित

रोहतक, गिरीश सैनी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा कुलवंत कलसन एवं सीजेएम अनिल कौशिक के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को कलानौर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में एक सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों व वसीयत से संबंधित कानून पर विशेष कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

पैनल अधिवक्ता राजबीर कश्यप ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं वसीयत के संबंध मे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संपत्ति का मालिकाना हक बुजुर्ग माता-पिता और उनके बच्चों के बीच संबंधों के सबसे कठिन पहलुओं में से एक होता है। यदि आप वरिष्ठ नागरिक है और आप किसी बच्चे या उत्तराधिकारी को संपत्ति उपहार में देना या हस्तांतरित करना चाहते हैं तो आप डीड में भी शर्त डालने पर विचार कर सकते हैं कि बच्चा उन्हें बुनियादी सुविधाएं व शारीरिक जरूरतें प्रदान करेगा। यदि बच्चा ऐसा करने में विफल रहता है, तो वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 के तहत एक वरिष्ठ नागरिक ट्रिब्यूनल से संपर्क करके उपहार या हस्तांतरण को धोखाधड़ी, जबरदस्ती या अनुचित प्रभाव से किये जाने के कारण अमान्य घोषित करवा सकता है।

इस दौरान एनएसएस के दो स्वयंसेवकों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी उपस्थित विद्यार्थियों को प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित कानून से संबंधित पुस्तकें भी वितरित की गई। इस अवसर पर पीएलवी साहिल, प्राचार्य देवेन्द्र कटारिया, एनएसएस की नोडल अधिकारी मधु मल्होत्रा व विद्यार्थी मौजूद रहे।