निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग को बनाया रूचिकर व आसानः शिक्षा मंत्री ढांडा

खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में किया निपुण वाटिका का उद्घाटन।

निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग को बनाया रूचिकर व आसानः शिक्षा मंत्री ढांडा

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चें मेधावी एवं प्रतिभाशाली है। अध्यापक वर्ग इन बच्चों को अपनी मेहनत से सही दिशा देने का कार्य कर रहे है। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग कार्य का रूचिकर व आसान बना दिया है। विद्यार्थी खेल-खेल में रूचि लेकर सीख रहे है।

मंत्री महिपाल ढांडा गांव खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में स्थापित की गई निपुण वाटिका का विधिवत उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने जिला में शुरू की गई निपुण वाटिका व सुपर-40 की पहलों के लिए उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने निपुण वाटिका का निरीक्षण करते हुए लर्निंग को रूचिकर और आसान बनाने के लिए किए गए प्रबंधों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और रुचियों के बारे में जानकारी ली। निपुण वाटिका में अबेकस, समूह बनाना, पहाड़े, त्रिभुज, वर्ग, आयत, बढ़ता व घटता क्रम, ऊंचाई मापना, आकृतियां बनाना, सम व विषम संख्या को पहचानना, मात्राओं का ज्ञान, देश का मानचित्र, स्वर, व्यंजन, अक्षर ज्ञान आदि को डिजिटल रूप से पढ़ाया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि प्रारंभिक स्तर से ही विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता विकसित हो सके। उन्होंने अध्यापकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों को रचनात्मक एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करें ताकि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सुपर-40 कार्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है, जो बच्चे पहले सुपर-100 में शामिल नहीं हो पा रहे थे, वे अब सुपर-40 के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोहतक प्रशासन द्वारा सुपर-100 की तर्ज पर शुरू किए गए सुपर-40 कार्यक्रम को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी से कम नहीं हैं।

इस दौरान डीईओ मनजीत मलिक, डीईईओ दिलजीत सिंह, एफएलएन समन्वयक रूपांशी हुड्डा, सहित स्कूल स्टाफ व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।