डेंटोफेशियल डिफॉर्मिटी में नवीनतम तकनीक समय की जरूरत हैः कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल

ऑर्थोगनेथिक सर्जरीः निदान और उपचार योजना पर कार्यशाला आयोजित।

डेंटोफेशियल डिफॉर्मिटी में नवीनतम तकनीक समय की जरूरत हैः कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल

रोहतक, गिरीश सैनी। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस), रोहतक में ऑर्थोगनेथिक सर्जरीः निदान और उपचार योजना विषय पर आयोजित एक व्याख्यान और कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता, इंग्लैंड एनएचएस के कंसलटेंट डॉ व्योमेश भट्ट ने शिरकत की। उन्होंने ऑर्थोगनेथिक सर्जरी के मामलों के निदान, उपचार योजना, और बहु विषयक प्रबंधन के लिए समकालीन दृष्टिकोणों पर मूल्यवान जानकारी साझा की।

डॉ. भट्ट ने अपने व्याख्यान में ऑर्थोगनेथिक सर्जरी के विभिन्न पहलुओं जैसे डेंटोफेशियल डिफॉर्मिटी का निदान, उपचार योजना, और सर्जिकल तकनीक पर चर्चा की। उन्होंने ऑर्थोडोंटिक और सर्जिकल उपचार के संयोजन के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि कैसे ये दृष्टिकोण रोगियों के लिए बेहतर परिणाम प्रदान कर सकता है।

कार्यशाला में सर्जिकल मामलों की इंटरैक्टिव चर्चा के दौरान डॉ भट्ट ने पीजी छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ विभिन्न ऑर्थोगनेथिक सर्जरी मामलों पर विमर्श किया। उन्होंने ऑर्थोडोंटिक और सर्जिकल उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया, जिसमें उपचार योजना, सर्जिकल तकनीक, और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल शामिल हैं।

इसके उपरांत उन्होंने पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल से भी मुलाकात की। चर्चा के दौरान, उन्होंने शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के संकाय सदस्यों और पीजी छात्रों के लिए यूके में अल्पकालिक ऑब्जर्वेशन शिप अवसरों की सुविधा के लिए विवि को एक प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि संस्थान में आने वाले मरीजों को नवीनतम तकनीक से इलाज उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से समय-समय पर चिकित्सकों को विभिन्न माध्यमों से प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि डेंटोफेशियल डिफॉर्मिटी में नवीनतम तकनीक समय की जरूरत है क्योंकि आजकल युवाओं मे  डेंटोफेशियल डिफॉर्मिटी को लेकर काफी तनाव रहता है। इसमें नई तकनीक आने से उन्हें जल्दी और बेहतर उपचार मिल सकेगा।

डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी तथा ओरल एंड मैक्सिलो फेशियल सर्जरी के सीनियर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ विरेंद्र सिंह ने सत्र की सराहना करते हुए इसे पीजी छात्रों के लिए लाभप्रद बताया। इस दौरान डॉ अमरिश भगोल, डॉ रेखा शर्मा, डॉ सोनल और डॉ अंकिता सहित अन्य प्रतिभागियों ने शैक्षणिक चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।