कचरा फाइल / अश्विनी जेतली 'प्रेम'
शब्दकोष शर्मिंदा है!
कचरा फाइल की इबारत ने
शराफत के मुखौटों को
सरे-संसार कर दिया नंगा है
इसलिए शब्दकोष शर्मिंदा है!
कितने ही शब्दों के असल अर्थ
कचरा फाइल ने कचरे में दिए फेंक
कर दिए व्यर्थ
और आने लगी है अब उन शब्दों से दुर्गंध
छी: कैसे कैसे संबंध
रूह जाती है कांप
इंसान थे या सांप
या वो थे पिशाच
या पिशाच के भी बाप
शब्दकोष शर्मिंदा है
संभ्रांत ...
कुलीन ...
प्रतिष्ठित...
सम्मानित...
कचरा फाइल ने बदल डाले हैं
इन शब्दों के अर्थ
कितने ही बड़े नाम
कर दिए बदनाम
सरेआम
कचरा फाइल के पन्नों ने
नहीं नहीं,
उनके खुद के कर्मों ने।

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