पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जीयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता आवश्यकः कैबिनेट मंत्री राव नरबीर

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जीयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

गुरुग्राम, गिरीश सैनी। स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्थिरता में उभरते रुझान विषय पर गुरुग्राम विवि में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज शनिवार को हुआ। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के लगभग 500 से अधिक शोध विद्वान, संकाय सदस्य, विद्यार्थी एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुई। जीयू के जैव-विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में कुल 154 शोध पत्र प्राप्त हुए।

बतौर मुख्य अतिथि, हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएलसी सुपवा रोहतक के कुलपति डॉ. अमित आर्य, हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल पंचकूला के वाइस चेयरमैन प्रो. एस.के. गक्खड़, ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीयू कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने की।

कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने बताया कि इस सम्मेलन को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखते हुए आयोजन में डिजिटल बैनर, डिजिटल पोस्टर और ई-कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स का उपयोग किया गया। इस पहल से संसाधनों की बचत के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया गया।

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विवि द्वारा प्लास्टिक मुक्त और डिजिटल माध्यमों से आयोजित ये सम्मेलन अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवा शोधकर्ता और विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के वास्तविक परिवर्तनकारी बन सकते हैं, यदि वे अपने विचारों को व्यवहार में उतारें। उन्होंने कहा कि आज के शोध और नवाचार तभी सार्थक होंगे जब उनका लाभ आम जन तक पहुंचे।

बतौर विशिष्ट अतिथि, डीएलसी सुपवा रोहतक के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.के. गक्खड़ ने कहा कि हम सभी को मिलकर एक ऐसा समाज बनाना है, जहां विकास के साथ प्रकृति का सम्मान भी सुनिश्चित हो।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. संजय कौशिक  ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों ही मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सतत विकास के लिए हमें नवाचार, अनुसंधान और जागरूकता को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।

सम्मेलन संयोजिका प्रो रानी देवी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में विभिन्न पर्यावरणीय संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने के उद्देश्य से लाइव एवं कार्यशील मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। इस दौरान सम्मेलन संयोजक प्रो. धीरेंद्र कौशिक, डीन प्रो. भूपेश शर्मा, प्रो. संजीव गुप्ता सहित प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।