युवा शक्ति के रूप में भारत के पास है विशाल संसाधनः दिल्ली के उपराज्यपाल संधु
गुरुद्वारा बंगला साहब में मत्था टेक कर देश की समृद्धि और भाईचारे की मजबूती के लिए अरदास की।
रोहतक, गिरीश सैनी। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधु ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा और कौशल विकास (स्किलिंग) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई शिक्षा नीति केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने पर विशेष बल देती है, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
उप राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधु शनिवार को रोहतक प्रवास के दौरान भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक में आयोजित नवप्रवेशी विद्यार्थियों के इंडक्शन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इसके उपरांत उन्होंने एमडीयू के कुलपति, यूएचएसआर एवं पीजीआईएमएस के निदेशक तथा अन्य वरिष्ठ शिक्षाविदों के साथ उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर राउंड टेबल बैठक में भाग लिया।
बाद में उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधु ने गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब प्रबंधन समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया तथा गुरुद्वारा में मत्था टेककर देश, प्रदेश और समाज की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की। पत्रकारों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि रोहतक आकर गुरुद्वारा में मत्था टेकना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति एवं हरियाणा के लोगों द्वारा दिए गए आत्मीय स्वागत और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने गुरुद्वारा में हरियाणा की उन्नति, देश की समृद्धि तथा सामाजिक भाईचारे की मजबूती के लिए अरदास की है।
नई शिक्षा नीति पर सरदार तरनजीत सिंह संधु ने कहा कि अतीत में भी शिक्षा का अत्यधिक महत्व था, लेकिन विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा को कौशल आधारित बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसा हुनर विकसित करना है, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हों। दिल्ली से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ता के साथ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 50 प्रतिशत से अधिक आबादी 28 वर्ष से कम आयु की है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। जब दुनिया के अनेक देशों में आबादी वृद्ध हो रही है, ऐसे समय में भारत के पास युवा शक्ति के रूप में विशाल संसाधन उपलब्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इसी सोच के साथ स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और प्रबंधन समितियों को अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकें।
हरियाणा के पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने रोहतक आगमन पर दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिख समुदाय का इतिहास गौरवशाली रहा है और देश की एकता, अखंडता तथा संस्कृति की रक्षा में सिख गुरुओं और समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एचएसजीएमसी) के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झिंडा, एचएसजीएमसी के कार्यकारी सदस्य सरदार करनैल सिंह निमनाबाद, एचएसजीएमसी के पूर्व कार्यकारी सदस्य सरदार हरभजन सिंह राठौर, पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व चेयरमैन सरदार हरपाल सिंह चीका, महंत दिलबाग सिंह, नशा मुक्ति अभियान हरियाणा के संचालक सरदार निर्मल सिंह, सरदार हरभजन सिंह खेड़ा एडवोकेट, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी, उपमंडलाधीश आशीष कुमार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संजीव सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
Girish Saini 


