जीवन में अगर कामयाब होना है तो पुस्तकें ज़रूर पढ़ें: डा.जवाहर धीर

जीवन में अगर कामयाब होना है तो पुस्तकें ज़रूर पढ़ें: डा.जवाहर धीर

फगवाड़ा: दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ जवाहर धीर ने आज विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर अकादमी की बैठक में सदस्यों को आह्वान किया कि अगर वे जीवन में कामयाबी प्राप्त करना चाहते हैं तो पुस्तकें ज़रूर पढ़ें। पुस्तकों में ज्ञान का भंडार छिपा हुआ है जिन्हें पढ़ने से व्यक्ति के भाग्य तक बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में वही व्यक्ति सबसे ज्यादा गरीब है,जो शिक्षित नहीं है। इसलिए अपने बच्चों को जरुर पढ़ाएं।
साहित्यकार डॉ जवाहर धीर ने आगे कहा कि पुस्तकें लिखने वालों ने पुस्तकों में अपने जीवन की प्राप्तियों का सार लिखा होता है जिन्हें पढ़कर अगर पढ़ने वाला उन बातों को अपना ले तो उसका जीवन भी बदल सकता है। अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत डा.जवाहर धीर ने आगे कहा कि विश्व प्रसिद्ध लेखकों,कवियों जिनमें मुंशी प्रेमचंद, रविन्द्र नाथ टैगोर,फनीश्वर नाथ रेणु, महादेवी वर्मा, हरिवंशराय बच्चन,अमृता प्रीतम,सआदत हसन मंटो, नागार्जुन,लियो टॉल्स्टॉय, शेक्सपियर आदि आज भी अपने द्वारा रचे गए शानदार साहित्य के कारण आज भी पाठकों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। 
डा.धीर ने आगे कहा कि आजकल धीरे-धीरे लोगों ने पुस्तक पढ़ने की जगह मोबाइल फोन को प्राथमिकता दे दी है,जो आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए बहुत ख़तरनाक है। पुस्तकें पढ़ने से हम अपनी संस्कृति, संस्कारों और सभ्यता से जुड़े रहते हैं जबकि सोशल मीडिया हमें गलत रास्ते पर ले जाता है जिससे हमारा भविष्य बर्बाद हो रहा है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने धार्मिक ग्रंथों, पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों को पढ़ना जारी रखें,तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रह पाएगा।