बच्चों में तनाव-अवसाद के शुरुआती संकेत पहचानना जरूरी, राज्य स्तरीय सेमिनार में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर
रोहतक, गिरीश सैनी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में पीजीआईएमएस रोहतक के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। विभाग के प्रोफेसर डॉ. रमेश वर्मा के संयोजन में हुए कार्यक्रम में मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं आईएमएच निदेशक डॉ. सुजाता सेठी ने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सेमिनार में करीब 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. हितेश खुराना और डॉ. प्रीति ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। डॉ. खुराना ने मानसिक बीमारियों के प्रति सामाजिक कलंक दूर करने और प्राथमिक स्तर पर मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। डॉ. प्रीति ने बच्चों व किशोरों में बढ़ते तनाव, अवसाद और डिजिटल थकान के शुरुआती लक्षणों की पहचान तथा समय पर रोकथाम के उपायों पर चर्चा की।
विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें चिराग ने प्रथम और दुर्गेश ने द्वितीय स्थान हासिल किया। हाइब्रिड माध्यम से आयोजित सेमिनार में बीपीएस खानपुर, एसएचकेएम मेवात, ईएसआईसी फरीदाबाद और एमएएमसी अग्रोहा के विशेषज्ञ व रेजिडेंट चिकित्सक भी ऑनलाइन जुड़े।

Girish Saini

