पूर्व सीएम हुड्डा  ने अब तक 70% धान की खरीद न होने का आरोप लगाया, कहा - 400 रुपये कम रेट में पिट रही फसल

सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

पूर्व सीएम हुड्डा  ने अब तक 70% धान की खरीद न होने का आरोप लगाया, कहा - 400 रुपये कम रेट में पिट रही फसल

रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। आवक 12 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है, लेकिन सरकार ने अब तक मात्र 30 प्रतिशत ही खरीदा है। यानी 70 प्रतिशत किसान अभी भी सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जो धान खरीदा भी गया है, उसका भी मात्र 17 प्रतिशत ही उठान हुआ है। मंडियों में अब नई फसल रखने की जगह तक नहीं बची है। 

हुड्डा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की कई मंडियों का दौरा किया। किसानों ने खुद बताया कि एमएसपी न मिलने की वजह से उन्हें ₹400 प्रति क्विंटल तक कम रेट पर अपनी धान और ₹800 से ₹900 प्रति क्विंटल कम रेट पर बाजरा बेचना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने चुनाव में ऐलान किया था कि सरकार 3100 रुपए क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे, लेकिन सच्चाई ये है कि आज किसानों 2441 एमएसपी भी नहीं मिल रही है। मूंग की एमएसपी तो 8780 है, लेकिन खरीद ना होने से किसानों को प्रति क्विंटल 1500 से 1600 रुपए तक घाटे की मार पड़ रही है। 

इसी तरह बाजरे के किसान भी ₹2900 प्रति क्विंटल की कागज़ी एमएसपी के बीच, अपनी उपज ₹2000 प्रति क्विंटल तक में देने की मजबूरी के कारण करीब ₹900 प्रति क्विंटल का घाटा झेल रहे हैं। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणा में 24 फसलों पर एमएसपी देने का दावा करती है, क्या वो उन 24 फसलों के नाम बता सकती है, जो हरियाणा में होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार श्वेत पत्र जारी करे कितनी फसलों पर हरियाणा में एमएसपी मिली।

हुड्डा ने बताया कि सरकार किसानों को न सिर्फ एमएसपी से वंचित कर रही है, बल्कि खाद भी नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए अक्टूबर में यूरिया का आवंटित स्टॉक 3.50 लाख मीट्रिक टन है, जबकि अब तक सरकार ने सिर्फ 67,000 मीट्रिक टन ही उठाया है। इसी तरह डीएपी का हरियाणा के लिए आवंटित स्टॉक डेढ़ लाख मीट्रिक टन का है, लेकिन सरकार ने अब तक मात्र 38,000 मीट्रिक टन ही उठाया है।

उन्होंने मांग की कि बीजेपी सरकार एमएसपी पर श्वेत पत्र भी जारी करे, ताकि जनता को पता चल सके कि कांग्रेस सरकार के दौरान कितनी बढ़ोत्तरी होती थी और बीजेपी कितनी कर रही है। 

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। जबतक वो पद से इस्तीफा नहीं देते, वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन का ये आंदोलन तेज होता जाएगा। 12 तारीख को हम सभी लोगों को दिल्ली पहुंचने की अपील करते हैं, क्योंकि यह वोट और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। इसमें सभी की शांतिपूर्ण भागीदारी आवश्यक है।