एचआईआरडी निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दिया

वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों से कमर कसने का आह्वान

एचआईआरडी निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दिया

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षित और सक्षम होना आवश्यक है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत कार्यों पर क्षमता निर्माण विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से ग्रामीण विकास कार्यों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए कमर कसने का आह्वान किया।

डॉ. चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण से स्वीकृत कार्यों की उचित योजना बनाने, निर्धारित मानकों का पालन करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। प्रशिक्षण के दौरान हासिल व्यावहारिक ज्ञान को कार्यक्षेत्र में अपनाकर विकास योजनाओं के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। क्षमता निर्माण से कार्यकुशलता बढ़ने के साथ विकास कार्य अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनते हैं।

ग्रामीण विकास विभाग के प्रोजेक्ट ऑफिसर हरिचंद गुप्ता और जींद के प्रोजेक्ट ऑफिसर राकेश शर्मा ने भी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिए संबंधित प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की स्पष्ट समझ जरूरी है।

सहायक आचार्य सुशील मेहता ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को कार्यों की योजना बनाने, मानकों का पालन करने और बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने के लिए सक्षम बनाना है। इस दौरान संदीप शर्मा, रामनिवास, प्रियंका, शिवम शर्मा, सुनील और सुमित सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।