हेलमेट, सीट बेल्ट से बचेंगी अनमोल जिंदगियां : कुलपति प्रो. पूनियाँ
एमडीयू में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, भावी इंजीनियरों से समाज को जागरूक करने का आह्वान
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और अनमोल जिंदगियां बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूर रहना सुरक्षित यातायात की बुनियादी शर्तें हैं। उन्होंने भावी इंजीनियरों से स्वयं नियमों का पालन करने और समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत यूथ रेडक्रॉस और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदार बनाना था।
प्रो. पूनियाँ ने कहा कि आपदा जोखिम कम करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की शुरुआत घर तथा व्यक्तिगत स्तर से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने विवि परिसर में रैली निकालकर हेलमेट, सीट बेल्ट, यातायात संकेतों, जेब्रा क्रॉसिंग और सड़क पर सतर्कता बरतने का संदेश दिया।
इस दौरान कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, यूआईईटी निदेशक प्रो. विनीत सिंगला, वाईआरसी समन्वयक प्रो. अंजू धीमान सहित अन्य प्राध्यापक, विद्यार्थी और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

Girish Saini

