विद्यार्थी शोध से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था : डॉ. फाल्गुनी शर्मा
एमआरयू कॉन्फ्रेंस में पोस्टर को मिला द्वितीय पुरस्कार, जनहित में शोध पर जोर
रोहतक, गिरीश सैनी। चिकित्सा क्षेत्र में शोध और नवाचार न केवल बीमारियों की समय पर पहचान, बल्कि नई दवाओं के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। पीजीआईएमएस, रोहतक के फार्माकोलॉजी विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. फाल्गुनी शर्मा ने एमआरयू कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत अपने पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थी शोध को स्वस्थ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके पोस्टर को द्वितीय पुरस्कार मिला।
डॉ. फाल्गुनी ने कहा कि शोध का उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि मरीजों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। नई दवाओं, वैक्सीन, कैंसर उपचार, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में शोध स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की व्यापक संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने नवाचारों को किफायती और आमजन की पहुंच में लाने पर जोर दिया।
पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने डॉ. फाल्गुनी को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा शोध को सामाजिक जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के अवसर देने और शोध परिणामों को व्यावहारिक चिकित्सा समाधानों में बदलने पर बल दिया।

Girish Saini

