आत्मनिर्भरता की पहचान है हथकरघा विरासतः वीरेंद्र बड़खालसा

सीएम के ओएसडी ने हथकरघे पर बुनाई व चरखे पर रेजा कताई का लिया अनुभव।

आत्मनिर्भरता की पहचान है हथकरघा विरासतः वीरेंद्र बड़खालसा

रोहतक, गिरीश सैनी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी  वीरेंद्र सिंह बड़खालसा ने कहा कि भारत की पारंपरिक बुनाई और हथकरघा कला हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण रोजगार का मजबूत आधार है। लुप्त होती पारंपरिक बुनाई एवं हस्तकला को पुनर्जीवित कर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हथकरघा क्षेत्र को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार से जोड़ने का आह्वान किया है।

सीएम के ओएसडी गांव बोहर स्थित जुगल भवन में समर्थ योजना के तहत केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय के माध्यम से बुनकर सेवा केंद्र, पानीपत द्वारा आयोजित रेजा से तैयार परिधानों की प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी 28 अगस्त को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले उद्यमिता कार्यक्रम में प्रदेश के युवा उद्यमियों को अपने नवाचार एवं व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी किसानों को कपास की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कपास उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय के साथ स्वदेशी उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पारंपरिक कला, बुनकरों और स्थानीय कारीगरों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण हैं। प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने खुद हथकरघे पर बुनाई की प्रक्रिया सीखी तथा पारंपरिक चरखे पर रेजा की कताई का अनुभव लिया। उन्होंने प्राकृतिक रेशों से तैयार वस्त्रों की विशेषताओं की जानकारी लेते हुए कहा कि ये वस्त्र पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ गर्म मौसम में आरामदायक होते हैं।

उन्होंने इस दौरान पुरानी घरेलू एवं पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ बुनकर सुनील कुमार, नीता सिंह, पद्मश्री महावीर गुड्डू, सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।