जीयू के साइकोलॉजी छात्र यूएचएसआर में लेंगे क्लीनिकल ट्रेनिंग
जीयू और यूएचएसआर के बीच एमओयू से मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा व रिसर्च को मिलेगा नया आयाम।
रोहतक/गुरुग्राम, गिरीश सैनी। गुरुग्राम विवि, गुरुग्राम के साइकोलॉजी के विद्यार्थियों को अब क्लीनिकल ट्रेनिंग के लिए दूसरे प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गुरुग्राम विवि और पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि, रोहतक (यूएचएसआर) के बीच अकादमिक, क्लीनिकल ट्रेनिंग और रिसर्च सहयोग को लेकर हुए महत्वपूर्ण एमओयू को हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जीयू कुलपति डॉ. संजय कौशिक के मार्गदर्शन में हुए इस एमओयू के तहत गुरुग्राम विवि के साइकोलॉजी के विद्यार्थियों को प्रदेश के अग्रणी चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस, रोहतक में क्लीनिकल प्रशिक्षण पाने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अस्पताल में आने वाले वास्तविक मरीजों के केस को नजदीकी से समझने का साथ ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विकारों के उपचार की प्रक्रिया सीखेंगे।
कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने इस एमओयू को विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन, बच्चों से जुड़ी मानसिक समस्याओं और नशे से संबंधित विकारों के विविध केस देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। व्यावहारिक क्लीनिकल अनुभव छात्रों की दक्षता के साथ-साथ उनके रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएगा।
यूएचएसआर के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता केवल दो विवि के बीच अकादमिक करार नहीं, बल्कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में दूरगामी पहल है।
जीयू की डीन, फैकल्टी ऑफ सोशल साइंसेज एंड एजुकेशन प्रो. गायत्री रैना ने बताया कि इस एमओयू के तहत भविष्य में दोनों संस्थान संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करेंगे।
एमओयू साइन करने के अवसर पर यूएचएसआर के कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल और प्राचार्या डॉ. मनु राठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

