इलेक्ट्रिक वाहनों पर एमडीयू शोधार्थियों का वैश्विक अध्ययन

क्यू1 अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ शोध-पत्र

इलेक्ट्रिक वाहनों पर एमडीयू शोधार्थियों का वैश्विक अध्ययन

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च (इमसार) की शोधार्थी सिमरन सहगल और रूबी गोठवाल ने इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत परिवहन पर वैश्विक शोध का व्यापक विश्लेषण किया है। उनका शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन एमराल्ड पब्लिशिंग के क्यू1 जर्नल जर्नल ग्लोबल नॉलेज, मेमोरी एंड कम्युनिकेशन में प्रकाशित हुआ है। ये शोध कार्य प्रो. डॉ. दिव्या मल्हान के मार्गदर्शन में किया गया।

शोधार्थियों ने 2011 से 2026 तक इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित 958 शोध प्रकाशनों का बिब्लियोमेट्री विश्लेषण किया। अध्ययन में इलेक्ट्रिक वाहनों, सरकारी नीतियों और सतत परिवहन से जुड़े वैश्विक शोध की बदलती प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया।

अध्ययन के अनुसार, शुरुआती दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों पर शोध मुख्यतः प्रदूषण और उत्सर्जन के पर्यावरणीय प्रभावों तक केंद्रित था। अब शोध का रुख समाधान आधारित तकनीकों और नीतिगत उपायों की ओर बढ़ रहा है। कार्बन उत्सर्जन में कमी, तकनीकी नवाचार, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग और सतत मोबिलिटी प्रमुख उभरते विषय हैं।

शोध में प्रभावी सरकारी नीतियों, तकनीकी नवाचार और बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के समन्वय को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी बताया गया है। प्रो. मल्हान ने बताया कि जर्नल स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध है तथा क्यू1 श्रेणी और एबीडीसी-बी रैंकिंग में शामिल है। उन्होंने इसे गुणवत्तापूर्ण शोध और वैश्विक अकादमिक योगदान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।