उच्च तापमान पर कार्य करने वाले उन्नत थर्मोइलेक्ट्रिक चौल्कोजेनाइड पदार्थों पर शोध करेंगे जीजेयू के डॉ. हरदेव सैनी

उच्च तापमान पर कार्य करने वाले उन्नत थर्मोइलेक्ट्रिक चौल्कोजेनाइड पदार्थों पर शोध करेंगे जीजेयू के डॉ. हरदेव सैनी

हिसार, गिरीश सैनी। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) द्वारा गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि के भौतिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरदेव सैनी का 18 लाख रुपये का दो वर्षीय शोध प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना के तहत उच्च तापमान पर कार्य करने वाले उन्नत थर्मोइलेक्ट्रिक चैल्कोजेनाइड पदार्थों की पहचान, संश्लेषण, फैब्रिकेशन एवं उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। यह शोध ऊर्जा संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तथा औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस उपलब्धि पर डॉ. हरदेव सैनी और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि विवि में उच्चस्तरीय शोध के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, उन्नत उपकरण और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना विवि की शोध उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

इस परियोजना में डॉ. हरदेव सैनी प्रधान अन्वेषक तथा डॉ. विवेक गुप्ता सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में कार्य करेंगे। परियोजना का शीर्षक डेटा-ड्रिवन इंटीग्रेटेड डीपफेट स्क्रीनिंग एंड फैब्रिकेशन ऑफ रोबस्ट  चौल्कोजेनाइड्स फॉर हाई टेम्परेचर थर्मोइलेक्ट्रिक एप्लीकेशंस है।

डॉ. हरदेव सैनी ने बताया कि यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से ऐसे पदार्थों की खोज और विकास पर केंद्रित है, जो अपशिष्ट ऊष्मा को उपयोगी विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकें। इस परियोजना में डीपफेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की सहायता से विकसित की जाने वाली सामग्री औद्योगिक अपशिष्ट ऊष्मा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाली ऊर्जा-कुशल तकनीकों के विकास में सहायक होगी।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना कम्प्यूटेशनल एवं प्रायोगिक अनुसंधान के समन्वय पर आधारित है। इसके माध्यम से शोधार्थियों को एआई आधारित मटेरियल डिजाइन, उन्नत डेटा विश्लेषण, आधुनिक प्रयोगात्मक तकनीकों तथा अत्याधुनिक अनुसंधान पद्धतियों का प्रशिक्षण भी मिलेगा।