प्लास्टिक छोड़ें, जूट अपनाएं; ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ

भैंसरू खुर्द में महिलाओं को बांटे जूट के थैले, चार श्रेणियों में कचरा अलग करने का दिया प्रशिक्षण

प्लास्टिक छोड़ें, जूट अपनाएं; ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ

रोहतक, गिरीश सैनी। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत भैंसरू खुर्द में ग्रामीणों को स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ गांव के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में महिलाओं को एकल उपयोग प्लास्टिक से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्हें प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण अनुकूल जूट के थैलों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं और ग्रामीणों को जूट के थैले भी वितरित किए गए।

ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने की जानकारी दी गई। चार डस्टबिन के माध्यम से कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि घर से ही कचरे को अलग रखना और उसका उचित निपटान करना जरूरी है।

डीपीएम स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण मंजू ग्रेवाल और सरपंच पुनीत ने भी ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया।