प्लास्टिक छोड़ें, कपड़े-जूट के थैले अपनाएं, जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ गांवः एडीसी

प्लास्टिक छोड़ें, कपड़े-जूट के थैले अपनाएं, जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ गांवः एडीसी

रोहतक, गिरीश सैनी। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से बचने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से कपड़े और जूट के थैलों का इस्तेमाल करने का आह्वान किया।

गांव बहू जमालपुर में सरपंच संजय ने ग्रामीणों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पुराने कुओं का जीर्णोद्धार भी कराया गया। सरपंच ने कहा कि पारंपरिक जलस्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ जल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

एडीसी ने बताया कि प्लास्टिक कचरे से मिट्टी, जल निकासी, पशुओं और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों का उपयोग और पुनर्चक्रण पर जोर दिया जा रहा है।

महम के बेडवा गांव में राजकीय स्कूल के विद्यार्थियों को ठोस कचरा प्रबंधन शेड का भ्रमण कराया गया। उन्हें कचरे के चार-तरफा पृथक्करण और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। एडीसी नरेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ गांवों के लिए प्रशासन के साथ हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।