मलेरिया शोध में जीन एडिटिंग से नई राह, एमडीयू में विशेषज्ञों ने साझा की शोध रणनीतियां

मलेरिया शोध में जीन एडिटिंग से नई राह, एमडीयू में विशेषज्ञों ने साझा की शोध रणनीतियां

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी और बायोटेक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मलेरिया परजीवी के अध्ययन और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

जवाहरलाल नेहरू विवि, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के डॉ. अभिषेक बंसल ने सीआरआईएसपीआर-सीएएस9 जीन एडिटिंग टू अंडरस्टैंड द लिवर स्टेज डेवलपमेंट इन मलेरिया पैरासाइट विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सीआरआईएसपीआर-सीएएस9 तकनीक के माध्यम से मलेरिया परजीवी के यकृत चरण के विकास को समझने से जुड़े शोध की जानकारी साझा की।

एम्स, नई दिल्ली के डॉ. सुमित राठौर ने स्ट्रेटेजीज टू टैकल मलेरियल पैरासाइट विषय पर मलेरिया परजीवी से निपटने की वैज्ञानिक रणनीतियों और शोध प्रयासों पर प्रकाश डाला।

दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों के सवालों के जवाब दिए तथा अपने शोध अनुभव साझा किए। सेंटर निदेशक प्रो. रितु गिल ने विशेषज्ञों का स्वागत किया। समापन पर प्रो. के.के. शर्मा ने आभार जताते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को आधुनिक शोध तकनीकों और नए शोध आयामों से परिचित कराते हैं।