अंतरिक्ष कचरे से भविष्य की चुनौती तक, जीजेयू में वैज्ञानिक मंथन
हिसार, गिरीश सैनी। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 संपन्न हुआ। भौतिकी विभाग एवं फिजिक्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अंतरिक्ष तकनीक में प्रगति और अंतरिक्ष प्रदूषण नियंत्रण विषय पर विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। अंतरिक्ष कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और भविष्य की अंतरिक्ष चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई और कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने आयोजन की सफलता पर विभाग को बधाई दी। विभागाध्यक्ष प्रो. आर.एस. कुंडू ने विद्यार्थियों, प्रतिभागियों और प्रतियोगिता विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया।
कार्यक्रम में तीन विवि-स्तरीय प्रतियोगिताएं हुई। पोस्टर प्रस्तुति में टीम एस्ट्रोएब्जॉर्बर (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) प्रथम, रिसर्च रेंजर्स (भौतिकी) दूसरे तथा टीम ए (भौतिकी) और ध्रुव तारा (सीएसई) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
क्विज में सीरियस टीम (सीएसई) ने बाजी मारी। क्वांटम माइंड्स (भौतिकी) दूसरे और कॉस्मिक माइंड्स (भौतिकी) तीसरे स्थान पर रहे। क्विज में इसरो मिशन, अंतरिक्ष भौतिकी, अंतरिक्ष कचरे और भारत की भावी अंतरिक्ष योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए।
डिबेट में भी एस्ट्रोएब्जॉर्बर टीम ने पहला स्थान हासिल कर दोहरी जीत दर्ज की। कोस्टल वेंचर्स (एआई एवं डेटा साइंस) दूसरे और ऑर्बिटिंग ओपिनियंस (भौतिकी) तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष कचरे पर वैश्विक कानून, अंतरिक्ष संधियों में सुधार और भारत की भूमिका पर तर्क रखे।

Girish Saini 

