डेटा से प्रश्नावली तक, शोधार्थियों से साझा किए शोध के गुर

डेटा से प्रश्नावली तक, शोधार्थियों से साझा किए शोध के गुर

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के अर्थशास्त्र विभाग में आईसीएसएसआर प्रायोजित ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन विषयक 10 दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम में मंगलवार को शोधार्थियों को डेटा वर्गीकरण और प्रभावी प्रश्नावली निर्माण की तकनीकें सिखाई गई।

जवाहरलाल नेहरू विवि, नई दिल्ली के सेंटर फॉर स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमेंट के प्रो. रवि शेखर ने डेटा क्लासिफिकेशन पर दो व्याख्यान दिए। उन्होंने डेटा वर्गीकरण, टाइपोलॉजी और टैक्सोनॉमी के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए शोध में इनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समान अंतराल और हेड/टेल ब्रेक्स जैसी विधियों के साथ वर्ग सीमाएं तथा वर्गों की उपयुक्त संख्या निर्धारित करने की प्रक्रिया समझाई।

एमडीयू की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कोमल मलिक ने हाउ टू डेवलप ए गुड क्वेश्चनियर विषय पर व्याख्यान दिए। उन्होंने स्पष्ट, प्रासंगिक और तार्किक क्रम में प्रश्न तैयार करने के सिद्धांत बताए, ताकि विश्वसनीय एवं उपयोगी जानकारी जुटाई जा सके।

वर्कशॉप डायरेक्टर प्रो. रामफूल ओहल्याण ने कहा कि सत्रों से शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित शोध के लिए व्यावहारिक तकनीकी समझ मिली।