पूर्व सीएम हुड्डा ने डी-पार्क आगजनी के पीड़ितों से मुलाकात की

पीड़ितों को पूरे मुआवजे व मृतकों के परिवार को एक-एक नौकरी देने की मांग की।

पूर्व सीएम हुड्डा ने डी-पार्क आगजनी के पीड़ितों से मुलाकात की

रोहतक, गिरीश सैनी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डी-पार्क बाजार में हुई आगजनी के शिकार दुकानदारों व परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिवार के प्रति गहरी सांत्वना प्रकट करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया, साथ ही सभी से उनके नुकसान के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान रोहतक से विधायक भारत भूषण बतरा, पूर्व मंत्री सुभाष बतरा और पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी भी मौजूद रहे।

पूर्व सीएम हुड्डा ने सरकार द्वारा घोषित मुआवजे को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को पूरा-पूरा मुआवजा मिलना चाहिए और दुकानों के पुनर्निर्माण की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों की आजीविका फिर से स्थापित हो सके। साथ ही जिन परिवारों ने इस अग्निकांड में अपनों को खोया है, उनको एक-एक सरकारी नौकरी दी जाए।

हुड्डा ने कहा कि अगर अग्निशमन विभाग के पास पूरी व्यवस्था होती तो इस नुकसान को कम किया जा सकता था। लेकिन आज हालत ये है कि प्रदेश में 50 प्रतिशत फायरमैन के पद खाली पड़े हुए हैं। ढाई साल से उनकी भर्ती लटकी पड़ी है। दमकल गाड़ियों की हालत ऐसी है कि डी-पार्क में आग बुझाते हुए एक तो जाम हो गई, वो पानी की बौछार ही नहीं मार पाई। पहली गाड़ी का प्रेशर इतना कम था कि आग बुझाने के लिए नाकाफी था। दूसरी गाड़ी को आने में लगभग 50 मिनट लग गए, तब तक बहुत नुकसान हो चुका था।

हुड्डा ने कहा कि फायर स्टेशन को अब शहर से बाहर बना दिया गया है, जबकि जरूरी है कि शहर के भीतर भी एक फायर स्टेशन होना चाहिए, ताकि आगजनी की स्थिति में घटनास्थल तक जल्द से जल्द सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि देशभर से लगातार आगजनी की खबरें आ रही हैं, जिनमें भयंकर जान माल का नुकसान हो रहा है। ऐसे में हरियाणा समेत तमाम राज्य सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट रहे और उनके पास वह तमाम उपकरण हों, जिनके जरिए दुर्गम से दुर्गम इलाकों में और जल्द से जल्द आग पर काबू पाया जा सके।