पूर्व सीएम हुड्डा ने मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्सेज में की गई फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की
राम मंदिर में चोरी से देश भर के रामभक्त आहत, सीटिंग जज की निगरानी में हो जांच।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी सरकार लगातार शिक्षा के क्षेत्र में फीस बढ़ोत्तरी, भर्ती के नाम पर पेपर लीक, विकास के नाम पर घोटाले, जांच के नाम पर लीपा-पोती और अर्थव्यवस्था के नाम पर प्रदेश के कर्ज में बढ़ोत्तरी कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने एक बार फिर विद्यार्थियों पर फीस बढ़ोत्तरी का बम फोड़ते हुए डॉक्टर-नर्स-फार्मासिस्ट बनने का सपना देखने वाले युवाओं को लूटने का फरमान जारी किया है। सरकार ने एक अगस्त से रोहतक स्थित स्वास्थ्य विज्ञान विवि (यूएचएसआर) के मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्सेज के फीस में 400% तक की भारी बढ़ोतरी कर डाली है। इतना ही नहीं, लेट फीस से लेकर जुर्माने तक की रकम में भारी बढ़ोत्तरी कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वो शिक्षा तंत्र को लूट तंत्र बनाना चाहती है। पूर्व सीएम ने बीजेपी सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
स्थानीय डी-पार्क स्थित निवास मातूराम भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने एचटेट परीक्षा में हुई धांधलियों का जिक्र करते हुए बताया कि इस परीक्षा में गलत ओएमआर शीट बांटने, गलत प्रश्न पत्र दिए जाने से लेकर बिना सील का पेपर बांटने तक की शिकायत के सामने आई हैं। ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार पेपर नहीं करवा रही, बल्कि अभ्यर्थियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। कहीं पेपर गलत बांट दिए गए, कहीं पेपर बनाने में गड़बड़झाला पकड़ा गया, कहीं ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र के अलग-अलग सीरियल नंबर दे दिए गए, तो कहीं प्रश्नों की भाषा की ऐसे गलतियां थीं कि मानो पूरे पेपर को किसी नौसिखिए ने बनाया हो।
नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने कहा कि एचटेट में हुई तमाम गड़बड़ियां की निष्पक्ष जांच, अभ्यर्थियों द्वारा की जा रही तमाम शिकायतों की सुनवाई और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश में टीचर अभ्यार्थियों के पेपर में धांधली हो रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में टीचर्स के 16 प्रतिशत पद खाली पड़े हुए हैं। क्योंकि 1,01,499 स्वीकृत शिक्षक पदों में 16,435 पद खाली हैं। लेकिन उन पदों पर भर्तियां करने की बजाए, सरकार पेपर के गड़बड़झाले में जुटी हुई है।
इस दौरान प्रदेश पर बढ़ते कर्ज पर चिंता जाहिर करते हुए हुड्डा ने कहा कि 1966 में हरियाणा बनने से लेकर 2014 तक प्रदेश पर कुल कर्ज 60-70 हज़ार करोड़ था। लेकिन मात्र 2014 से लेकर 2026 तक की अवधि के बीजेपी शासनकाल में ये कर्ज बढ़कर 5.50 लाख करोड़ हो चुका है। यानी बीजेपी ने पांव से लेकर सिर तक हरियाणा को कर्ज में डुबो दिया है। हुड्डा ने कहा कि ये सरकार चार्वाक की कर्ज लो और घी पिओ की नीति पर आगे बढ़ रही है।
प्रदेश में एक के बाद हो रहे घोटालों पर पूर्व सीएम ने कहा कि करनाल में धान घोटाले का एक और नमूना सामने आया है। इसी तरह बैंकों में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। लेकिन सरकार हर बार की तरह पूरे मामले में लीपापोती करने में लगी है। उन्होंने तंज कसा कि बैंक, पेपर और फसल तो छोड़िए, ये ऐसी सरकार है, जिसके राज में भगवान राम के मंदिर के चढ़ावे तक में घोटाला हो गया है।
पूर्व सीएम हुड्डा ने दोहराया कि राम मंदिर चोरी मामले की जांच सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि कोई दोषी बच न पाए और कोई निर्दोष फंसे नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिस तरह एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं, उससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं और सभी की मांग है कि दोषियों को जल्द-से-जल्द और सख्त-से-सख्त सजा मिलनी चाहिए।
Girish Saini 


