पूर्व सीएम हुड्डा ने कार्यकर्ताओं संग मनाई संत कबीरदास जयंती
कहा, पावर कट से पूरा प्रदेश परेशान।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ संत कबीरदास की जयंती मनाई। इस दौरान हुड्डा ने कहा कि संत कबीरदास भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संत-कवियों में शुमार हैं। उन्होंने उस जमाने में जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी इंसानों को समान मानने का क्रांतिकारी विचार अपने दोहों व रचनाओं से जन-जन तक पहुंचाया।
हुड्डा ने कहा कि संत कबीर दास ने धर्म व जात-पात के नाम पर होने वाले भेदभाव की व्यवस्था का खंडन किया और पाखंड व रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाई। कबीर की रचनाएँ सामाजिक समानता, सत्य, प्रेम और आत्म-चिंतन पर जोर देती हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने हांसी के चनौत गांव में पानी को लेकर चल रहे आंदोलन पर दोहराया कि गांव और शहर दोनों को पानी दिया जाना चाहिए। ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने किसी गांव को पानी जैसी आधार सुविधा के लिए आंदोलन करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार में पूरा हरियाणा पानी और बिजली की किल्लत झेल रहा है, क्योंकि बीजेपी ने इन मुद्दों पर कभी ध्यान दिया ही नहीं दिया। जबकि कांग्रेस सरकार ने हरियाणा में 4 थर्मल पावर प्लांट और एक न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किया था। इसके साथ अन्य कंपनियों से भी सस्ते रेट पर बिजली लेने के समझौते किए थे। कांग्रेस ने हरियाणा को बिजली सरप्लस राज्य बना दिया था। इसके बावजूद आज पूरा हरियाणा लंबे-लंबे पावर कट से परेशान है, क्योंकि बीजेपी ने 12 साल के अपने कार्यकाल में एक भी बिजली उत्पादन की यूनिट स्थापित नहीं की। ना ही इस सरकार ने हरियाणा में कोई बड़ा उद्योग, बड़ी यूनिवर्सिटी, बड़ी परियोजना, कोई नई रेलवे लाइन या मेट्रो लाइन स्थापित की। ये सरकार सिर्फ और सिर्फ घोटाले करने में व्यस्त है। एक के बाद एक बैंक के घोटाले सामने आ रहे हैं, इससे पहले धान खरीद, बाजरा खरीद, जमीन, पेपर लीक, भर्ती, सहकारिता समेत अनगिनत घोटाले उजागर हो चुके हैं।
पंचकूला जमीन घोटाले के मामले में हुड्डा ने कहा कि ये करोड़ों का घोटाला है। इस मामले में एसआईटी जांच पर जनता का भरोसा तभी बनेगा, जब यह पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में होगी। उन्होंने मांग की कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच हो ताकि कोई भी दोषी बचने न पाए।
Girish Saini 


